dil hijr ke dard se bojhal hai ab aan milo to behtar ho | दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो

  - Ibn E Insha
दिलहिज्रकेदर्दसेबोझलहैअबआनमिलोतोबेहतरहो
इसबातसेहमकोक्यामतलबयेकैसेहोयेक्यूँँकरहो
इकभीककेदोनोंकासेहैंइकप्यासकेदोनोप्यासेहैं
हमखेतीहैंतुमबादलहोहमनदियाँहैंतुमसागरहो
येदिलहैकिजलतेसीनेमेंइकदर्दकाफोड़ाअल्लहड़सा
नागुप्तरहेनाफूटबहेकोईमरहमहोकोईनिश्तरहो
हमसाँझसमयकीछायाहैंतुमचढ़तीरातकेचंद्रमाँ
हमजातेहैंतुमआतेहोफिरमेलकीसूरतक्यूँँकरहो
अबहुस्नकारुत्बाआलीहैअबहुस्नसेसहराख़ालीहै
चलबस्तीमेंबंजाराबनचलनगरीमेंसौदागरहो
जिसचीज़सेतुझकोनिस्बतहैजिसचीज़कीतुझकोचाहतहै
वोसोनाहैवोहीराहैवोमाटीहोयाकंकरहो
अब'इंशा'-जीकोबुलानाक्याअबप्यारकेदीपजलानाक्या
जबधूपऔरछायाएकसेहोंजबदिनऔररातबराबरहो
वोरातेंचाँदकेसाथगईंवोबातेंचाँदकेसाथगईं
अबसुखकेसपनेक्यादेखेंजबदुखकासूरजसरपरहो
  - Ibn E Insha
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