s | सभी का मशवरा है ये कि तुझको भूल जाऊँ मैं

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
सभीकामशवराहैयेकितुझकोभूलजाऊँमैं
अभीमुझकोनहींमरनाउन्हेंकैसेबताऊँमैं
बहुतहीध्यानसेसुननाबहुतगंभीरमुद्दाहै
तुझेअपनाबनानाहैमगरकैसेबनाऊँमैं
तिरेहीसाथजीनेऔरमरनेकाइरादाहै
अगरतूदेइजाज़ततोतिरेसपनेसजाऊँमैं
मुझेइकबातमेरीजाँज़रासचसचबतादेतू
अगरतूबे-वफ़ाहैतोतुझेकैसेभुलाऊँमैं
सफ़ीनेकोसमुंदरमेंउताराइसलिएमैंने
कितेरीयादकोउसपारजाकरछोड़आऊँमैं
बहारेंलुटचुकीहैंसबनज़ारेजलगएसारे
बयाबाँहोचुकीनगरीकोफिरकैसेबसाऊँमैं
तुझेदेखाथामैंनेजिसनज़रसेउसनज़रसेफिर
किसीकोभीअगरदेखूँनहींफिरदेखपाऊँमैं
दु'आयेमाँगताहूँमैंमिरेभगवानसेअक्सर
किसारीज़िंदगीतेरीमुहब्बतपेलुटाऊँमैं
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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