na jaane kya qayamat hai na jaane kaisi aafat hai | न जाने क्या क़यामत है न जाने कैसी आफ़त है

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
जानेक्याक़यामतहैजानेकैसीआफ़तहै
किसीसेकहनहींसकताजोमेरेदिलकीहालतहै
जिसेबचपनसेलेकरआज-तकभूलानहींहूँमैं
वहीमेरीमुहब्बतहैवहीमेरीइबादतहै
नज़रलगनेकाख़तरागरनहींहोतातोमैंकहता
वोलड़कीहैपरीजैसीमुझेजिससेेमुहब्बतहै
सरासरझूठहैयेबातलेकिनसचसमझलेना
तिरेबिनभीमिरीदुनियामिरीजाँख़ूब-सूरतहै
बिछड़करकौनजीताहैमुहब्बतमेंयहाँयारो
मैंज़िंदाहूँबिछड़करभीमिरेरबकीइनायतहै
मैंतेरीबे-वफ़ाईपरजानेचुपहूँक्यूँँवर्ना
मुझेतोकानकेनीचेबजादेनेकीआदतहै
मिलेंगीरोटियाँसूखीहमेशाहीतुम्हेंयारो
करोउँगलीअभीटेढ़ीअगरघीकीज़रूरतहै
किसीकोभीसमझनामतकभीमाँबापसेऊपर
नईनस्लोंकोमेरीओरसेइतनीहिदायतहै
मिरेमुँहपरबताजोकुछभीतेरेदिलमेंहै'सागर'
मिरेकानोंकोबचपनसेहीसचसुननेकीआदतहै
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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