labon men zaraa muskuraahat saja lo | लबों में ज़रा मुस्कुराहट सजा लो

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
लबोंमेंज़रामुस्कुराहटसजालो
क़मरकोभीअपनादिवानाबनालो
क़समसेलगोगीबहुतख़ूब-सूरत
अगरएकछोटीसीबिन्दीलगालो
मिरेसामनेहीतुम्हेंचूमतेहैं
ज़रारुख़सेअपनेयेगेसूहटालो
नज़रआइनेकीकहींलगजाए
सुनोएककालासाटीकालगालो
कईबारतुमसेेकहाहैयेमैंने
तुम्हाराहूँमैंमुझकोअपनाबनालो
मैंरूठाहुआहूँमहीनोंसेतुमसेे
बड़ादिलकरोऔरमुझकोमनालो
कईलड़कियाँमेरेपीछेपड़ीहैं
मुझेअपनाकहकरसभीसेबचालो
अकेलाहैतन्हाहैसागरतुम्हारा
तोआगेबढ़ोऔरगलेसेलगालो
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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