jo tiri khaatir bure hain | जो तिरी ख़ातिर बुरे हैं

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
जोतिरीख़ातिरबुरेहैं
वोमिरीख़ातिरभलेहैं
हाथधोकेलोगपीछे
हमशरीफ़ोंकेपड़ेहैं
इश्क़मेंधोखामिलाहै
आजकलहमरोरहेहैं
बातफिरकरतेनहींहम
जबकिसीसेरूठतेहैं
दुश्मनीमेंभीमज़ाहै
येभीकरकेदेखतेहैं
हादिसाइकहोगयाहै
इश्क़इसकोबोलतेहैं
जलचुकाहैबाग़पूरा
पेड़फिरभीसबहरेहैं
शामअबढलनेलगीहै
बोतलेंअबखोलतेहैं
फिरनहींजैसेमिलेगी
मयसभीयूँँपीरहेहैं
इश्क़जिनसेहोगयाहै
वोरक़ीबोंसेघिरेहैं
हमवफ़ाउससेकरेंगे
बे-वफ़ाजिससेभलेहैं
इश्क़करनेकातरीक़ा
लोगहमसेसीखतेहैं
शबसुहानीआजकीहै
खेलआओखेलतेहैं
आजबिछड़ेजानतुमसेे
सालसत्रहहोगएहैं
इश्क़तोहैजानलेवा
परसभीकरबैठतेहैं
आजभीख़ुशहैअकेला
यार'सागर'केमज़ेहैं
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy