tum dil jala rahe ho | तुम दिल जला रहे हो

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
तुमदिलजलारहेहो
मुझकोसतारहेहो
बनतेहोबे-वफ़ाक्यूँँ
तुमतोवफ़ारहेहो
कैसेसवालकातुम
उत्तरबतारहेहो
येसबनहींकरोतुम
क्याबनतेजारहेहो
मैंसचबतारहाहूँ
तुमदिलदुखारहेहो
इतनाबुरानहींहूँ
जितनाजलारहेहो
'सागर'काइश्क़होकर
सबसेनिभारहेहो
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy