aadmi jitne nahin hain kaam ke | आदमी जितने नहीं हैं काम के

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
आदमीजितनेनहींहैंकामके
वोसभीहक़दारहैंईनामके
दिलमेंआताहैउन्हेंमैंचूमलूँ
लोगजबमिलतेहैंतेरेनामके
रोज़मुझसेजेबकहतीहैमिरी
दिननहींआएअभीआरामके
आजग़ालिबकीतरहबे-कारहैं
आदमीहमभीकभीथेकामके
वक़्तअच्छालौटकरजबआएगा
होंगेचर्चेगर्दिश-ए-अय्यामके
इसजहाँनेजबहमेंठुकरादिया
हमदिवानेहोगएश्रीरामके
जबसेतेरेलबहुएहैंमेहरबाँ
पासभीजातेनहींहमजामके
इतनीफ़ुर्सतहैकिसे'सागर'यहाँ
पासजोबैठेकिसीनाकामके
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy