insaan hamaare daur ka shaitaan hai | इंसाँ हमारे दौर का शैतान है

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
इंसाँहमारेदौरकाशैतानहै
इसबातसेशैतानभीहैरानहै
मुझकोज़रायेबातसमझाओसभी
क्याबे-वफ़ाकेसाथभीभगवानहै
वोखेलतीहैआज-कलदिलसेमिरे
येदिलमिराक्याखेलकासामानहै
मैंबा-वफ़ाहरबे-वफ़ासेदूरहूँ
दिलबा-वफ़ाओंपेमिराक़ुर्बानहै
अबचैनभीपड़तानहींहैआज-कल
अबज़िन्दगीमेरीबहुतहलकानहै
दुश्मनमिरासुनलेमिरायेफ़ैसला
मुझसेेबग़ावतमेंबहुतनुक़सानहै
मैंदुश्मनोंसेआजतकहारानहीं
इसबातकामुझकोबड़ाहीमानहै
भाईमिराहैजन्मसेदुनियामिरी
येज़िन्दगीउसपरमिरीक़ुर्बानहै
मुझसेेमिराअबहालभीमतपूछिए
बे-जानहूँमैंरूहभीबे-जानहै
कोईनहींहैअबमिरायारोसगा
मेरासगातोबसमिरासम्मानहै
'सागर'सभीकोमानताहैग़ैरअब
'सागर'अभीहरशख़्ससेअनजानहै
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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