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Shivam Mishra
wasiyyat men mili hai dushmani hamko yahaañ sahab
wasiyyat men mili hai dushmani hamko yahaañ sahab | वसिय्यत में मिली है दुश्मनी हमको यहाँ साहब
- Shivam Mishra
वसिय्यत
में
मिली
है
दुश्मनी
हमको
यहाँ
साहब
नहीं
चर्चे
थे
कम
वर्ना
हमारी
दोस्ती
के
भी
- Shivam Mishra
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दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
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SHIV SAFAR
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ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Kashif Sayyed
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नाज़
क्या
इस
पे
जो
बदला
है
ज़माने
ने
तुम्हें
मर्द
हैं
वो
जो
ज़माने
को
बदल
देते
हैं
Akbar Allahabadi
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शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
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Kashif Sayyed
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अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
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Tanoj Dadhich
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इस
तरह
ज़िंदगी
ने
दिया
है
हमारा
साथ
जैसे
कोई
निबाह
रहा
हो
रक़ीब
से
Sahir Ludhianvi
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ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
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दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
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इस
रात
के
आग़ोश
में
है
कौन
अब
तो
होश
में
ख़ामोश
हैं
सब
जाम
ले
यादें
ही
हैं
अब
जोश
में
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Shivam Mishra
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बहुत
गहरा
हूँ
मैं
बोलो
कहाँ
तक
जाना
चाहोगे
है
बेहतर
ये
किनारा
कर
लो
वर्ना
डूब
जाओगे
Shivam Mishra
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जो
था
क़िस्मत
में
मेरी
वो
मिला
मुझको
न
शिकवा
है
किसी
से
नइँ
गिला
मुझको
Shivam Mishra
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मैं
उसे
अब
तो
पाना
नहीं
चाहता
राह
में
उसकी
आना
नहीं
चाहता
ठोकरें
मैं
बहुत
खा
चुका
हूँ
यहाँ
अब
कभी
टूट
जाना
नहीं
चाहता
वो
न
मेरा
रहा
मैं
न
उसका
रहा
अब
बहाने
बनाना
नहीं
चाहता
मैंने
की
थी
वफ़ा
वो
रहा
बे-वफ़ा
और
कुछ
भी
बताना
नहीं
चाहता
मैंने
सब
कुछ
सहा
और
कुछ
नईं
कहा
और
आँसू
बहाना
नहीं
चाहता
अब
सफ़र
में
कहीं
खो
न
जाऊँ
'शिवम्'
मंजिलों
तक
जो
जाना
नहीं
चाहता
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Shivam Mishra
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हैं
दरारें
बहुत
दर्द
की
मुझ
में
भी
पर
बुरादा
ख़मोशी
के
डाले
हूँ
मैं
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Shivam Mishra
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