mujh se tum rakho na vaasta zaraa ajeeb hooñ | मुझ से तुम रखो न वास्ता ज़रा अजीब हूँ

  - Shubham Burmen
मुझसेतुमरखोवास्ताज़राअजीबहूँ
कुछसुनामैंनेकहाहैक्याज़राअजीबहूँ
प्यारज़िंदगीसदीक़घरयेअपनेजोभीथे
मैंनेहैयेसबदियागँवाज़राअजीबहूँ
मैंनहींहूॅंअच्छामैंनहींकिसीकेकामका
बसइसीलिएहैंसबख़फ़ाज़राअजीबहूँ
अपनाजिसनेभीकहासभीकोअपनासमझापर
मैंनेथायेसबग़लतकियाज़राअजीबहूँ
मैंकईदफ़ातोख़ौफ़ख़ुदसेहीखाजाताहूँ
याख़ुदामुझेहुआहैक्याज़राअजीबहूँ
हरकिसीनेयेकियासवालक्याहैयारतू
हरकिसीकोबसयहीकहाज़राअजीबहूँ
  - Shubham Burmen
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