majnu ho aur firaq ke maani nahin pata | मजनू हो और फ़िराक़ के मानी नहीं पता

  - Humza Ajmi
मजनूहोऔरफ़िराक़केमानीनहींपता
यानीदिएकोताक़केमानीनहींपता
ख़ुदसेनहींबनाहूँबनायागयाहूँमैं
यूँँंहीतोइश्तियाक़केमानीनहींपता
उसकोनिकाहजैसीज़रूरतनहींकोई
जिसकोअभीतलाक़केमानीनहींपता
अहलेसुखनकीज़ातमेंयेऐबदेखिए
नफ़रतकेऔरनिफाक़केमानीनहींपता
उसनेतमामवादोंकेबारेमेंयूँंकहा
हमज़ातुम्हेंमज़ाक़केमानीनहींपता
  - Humza Ajmi
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