hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Hrishita Singh
uski hi yaadon men pada rehta hai ye
uski hi yaadon men pada rehta hai ye | उसकी ही यादों में पड़ा रहता है ये
- Hrishita Singh
उसकी
ही
यादों
में
पड़ा
रहता
है
ये
ये
मेरा
दिल
भी
कैसा
पगला
गया
है
- Hrishita Singh
Download Sher Image
जब
बुलंदी
का
गुमाँ
था
तो
नहीं
याद
आई
अपनी
परवाज़
से
टूटे
तो
ज़मीं
याद
आई
वही
आँखें
कि
जो
ईमान-शिकन
आँखें
हैं
उन्हीं
आँखों
की
हमें
दावत-ए-दीं
याद
आई
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
22 Likes
तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
Read Full
Noon Meem Danish
Send
Download Image
51 Likes
जहाँ
पंखा
चल
रहा
है
वहीं
रस्सी
भी
पड़ी
है
मुझे
फिर
ख़याल
आया,
अभी
ज़िन्दगी
पड़ी
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
71 Likes
दरमियाँ
हैं
फ़ासले
ये
जानते
हैं
हम
मगर
रात
भर
फिर
भी
हमें
वो
याद
आती
है
बहुत
Amaan Pathan
Send
Download Image
3 Likes
तन्हाइयाँ
तुम्हारा
पता
पूछती
रहीं
शब-भर
तुम्हारी
याद
ने
सोने
नहीं
दिया
Unknown
Send
Download Image
44 Likes
परिन्दे
होते
तो
डाली
पर
लौट
भी
जाते
हमें
न
याद
दिलाओ
कि
शाम
हो
गई
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
45 Likes
ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
16 Likes
ख़ुद
को
मसरूफ़
किए
रखने
की
कोशिश
करना
क्या
तेरी
याद
के
ज़ुमरे
में
नहीं
आता
है
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
41 Likes
हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
Send
Download Image
40 Likes
उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
Send
Download Image
69 Likes
Read More
दिल
-
लगी
से
मैंने
उसका
दिल
लगाकर
रो
रही
थी
फिर
मुहब्बत
मुँह
छिपाकर
कैसे
कैसे
लोग
शामिल
बज़्म
में
हैं
और
वो
फिर
चल
रहा
है
सर
उठाकर
मर्ज़
की
इसके
दवा
कोई
नहीं
है
देखे
मैंने
सारे
चारा-गर
बुलाकर
पहले
अपने
दिल
को
खोदा
होगा
उसने
फिर
बनाई
भीत
रब
का
घर
बताकर
Read Full
Hrishita Singh
Download Image
1 Like
आधी
नींद
के
मारे
लोग
कैसे
हैं
ये
बेचारे
लोग
Hrishita Singh
Send
Download Image
0 Likes
जाने
यहाँ
मिलते
हैं
कैसे
कैसे
लोग
कुछ
अलहदा
कुछ
हम
सेे
मिलते
जुलते
लोग
Hrishita Singh
Send
Download Image
0 Likes
आरज़ूओं
के
पीछे
कुछ
उदासी
है
इश्क़
के
चेहरे
पे
बस
बदहवा
सेी
है
Hrishita Singh
Send
Download Image
1 Like
जिसे
तुम
समझते
हो
मंज़िल
वो
बस
रास्ता
है
किसी
का
Hrishita Singh
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Peace Shayari
Muflisi Shayari
Musafir Shayari
Mayoosi Shayari
Zulm Shayari