main saath rangon se tere haathon ka ek kangan banaa raha hooñ | मैं सात रंगों से तेरे हाथों का एक कंगन बना रहा हूँ

  - Himanshu Kuniyal
मैंसातरंगोंसेतेरेहाथोंकाएककंगनबनारहाहूँ
मैंएककाग़ज़पेदिलबनाकेअबउसकीधड़कनबनारहाहूँ
तिरीउदासीजोनईंदिखाएतुझेदिखाएहसींहमेशा
किसबग़मोंसेनजातवालामैंएकदर्पनबनारहा‌हूँ
केइकमुसव्विरबनारहाहोकिसीहसीनाकारुपजैसे
मैंअपनेदिलमेंउसीतरहसेतिरायेजोबनबनारहाहूँ
मिरेज़ेहनमेंनहींहैकोईहसीनसूरततभीतोअबके
किइकसफ़ेपेउदासमनसेमैंएकबिरहनबनारहाहूँ
तमामलोगोंकेसारेज़ख़्मोंकासोलयूशनबनासकूँजो
अज़लसेअबतकमैंसारेरंजोंकीइकइक्वेशनबनारहाहूँ
  - Himanshu Kuniyal
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