ke tere vaaste ya phir KHuda ki marzi se | के तेरे वास्ते या फिर ख़ुदा की मर्ज़ी से

  - Himanshu Kuniyal
केतेरेवास्तेयाफिरख़ुदाकीमर्ज़ीसे
मैंरहाग़ममेंपरेशानबहुतचुप्पीसे
तूमुझेपूछमेरीबेबसीकेबारेमें
आबहीछीनलियाजैसेकिसीमछलीसे
वोमिरेहाथमिरेदिलसेयकायकनिकला
जैसेकीरेतफिसलतीरहीहोमुट्ठीसे
मिरीजानमुझेएकगिलाहैतुझसेे
प्यारसेतूनेमुझेदेखानहींखिड़कीसे
वक़्तसेएकशिकायतयहीहैहरइकको
तूनेकिरदारबनायाहैमिरामाज़ीसे
मैंतिरेहाथतिरेदिलसेनिकलताकैसे
तूनेहरबारमुझेक़ैदरखासख़्तीसे
वोजिसेसबनेसुहागनकीनिशानीबोला
चोटहरवक़्तलगीहैउसेउसचूड़ीसे
  - Himanshu Kuniyal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy