puraani ik kahaanii likh raha hooñ | पुरानी इक कहानी लिख रहा हूँ

  - Hassam Tajub
पुरानीइककहानीलिखरहाहूँ
कहाँगुज़रीजवानीलिखरहाहूँ
मेरेअश'आरमेंकुछभीमेरा
मैंबसउसकीनिशानीलिखरहाहूँ
बहुतगंदेचलनउसकेहैंफिरभी
मैंउसकोख़ानदानीलिखरहाहूँ
हुआक्याहैमुझेकोईबताए
मैंक्यूँपानीसेपानीलिखरहाहूँ
वोजिसकेइश्क़नेशाइरबनाया
उसीकीमेहरबानीलिखरहाहूँ
मेरीतक़दीरमेंशायदनहींहै
मैंजिसकोदिलकीरानीलिखरहाहूँ
मोहब्बतकरकेदेखाहैतभीतो
मोहब्बतकोमैंफ़ानीलिखरहाहूँ
  - Hassam Tajub
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy