नुक़्सान नफ़ा कुछ नहीं पर बाँट रहे हो

  - Hassam Tajub
नुक़्साननफ़ाकुछनहींपरबाँटरहेहो
तुमबापकेजीते-जीयेघरबाँटरहेहो
येलाशमिरीदेखकेअंजानबनेहैं
इनलोगोंकोतुमकैसीनज़रबाँटरहेहो
तुमभीतोबहुतकरतेथेकलअम्नकीबातें
कुर्सीकेलिएआजबशरबाँटरहेहो
ख़ुदआपकेबच्चेतोविदेशोंमेंहैंपढ़ते
परहमकोतोदंगोंकाहुनरबाँटरहेहो
'हस्साम'तुम्हेंख़ुशियोंसेहैदुश्मनीशायद
जोलेकेहथेलीपेजिगरबाँटरहेहो
  - Hassam Tajub
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