हुस्न-ए-बे-परवाकोख़ुद-बीनओख़ुद-आराकरदिया
क्याकियामैंनेकिइज़हार-ए-तमन्नाकरदिया
बढ़गईंतुमसेतोमिलकरऔरभीबेताबियाँ
हमयेसमझेथेकिअबदिलकोशकेबाकरदिया
पढ़केतेराख़तमिरेदिलकीअजबहालतहुई
इज़्तिराब-ए-शौक़नेइकहश्रबरपाकरदिया
हमरहेयाँतकतिरीख़िदमतमेंसरगर्म-ए-नियाज़
तुझकोआख़िरआश्ना-ए-नाज़-ए-बेजाकरदिया
अबनहींदिलकोकिसीसूरतकिसीपहलूक़रार
उसनिगाह-ए-नाज़नेक्यासेहरऐसाकरदिया
इश्क़सेतेरेबढ़ेक्याक्यादिलोंकेमर्तबे
मेहरज़र्रोंकोकियाक़तरोंकोदरियाकरदिया
क्यूँँनहोतेरीमोहब्बतसेमुनव्वरजानओदिल
शम्अजबरौशनहुईघरमेंउजालाकरदिया
तेरीमहफ़िलसेउठाताग़ैरमुझकोक्यामजाल
देखताथामैंकितूनेभीइशाराकरदिया
सबग़लतकहतेथेलुत्फ़-ए-यारकोवजह-ए-सुकूँ
दर्द-ए-दिलउसनेतो'हसरत'औरदूनाकरदिया