dil ko khayaal-e-yaar ne makhmoor kar diya | दिल को ख़याल-ए-यार ने मख़्मूर कर दिया

  - Hasrat Mohani
दिलकोख़याल-ए-यारनेमख़्मूरकरदिया
साग़रकोरंग-ए-बादानेपुर-नूरकरदिया
मानूसहोचलाथातसल्लीसेहाल-ए-दिल
फिरतूनेयादकेब-दस्तूरकरदिया
गुस्ताख़-दस्तियोंकाथामुझमेंहौसला
लेकिनहुजूम-ए-शौक़नेमजबूरकरदिया
कुछऐसीहोगईहैतेरेग़ममेंमुब्तिला
गोयाकिसीनेजानकोमसहूरकरदिया
बेताबियोंसेछुपसकामाजरा-ए-दिल
आख़िरहुज़ूर-ए-यारभीमज़कूरकरदिया
अहल-ए-नज़रकोभीनज़रआयारू-ए-यार
याँतकहिजाब-ए-नूरनेमस्तूरकरदिया
'हसरत'बहुतहैमर्तबा-ए-आशिक़ीबुलंद
तुझकोतोमुफ़्तलोगोंनेमशहूरकरदिया
  - Hasrat Mohani
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