लोग सुब्ह-ओ-शाम की नैरंगियाँ देखा किए

  - Hasan Najmi Sikandarpuri
लोगसुब्ह-ओ-शामकीनैरंगियाँदेखाकिए
औरहमचुप-चापमाज़ीकेनिशाँदेखाकिए
अक़्लतोकरतीरहीदामान-ए-हस्तीचाकचाक
हममगरदस्त-ए-जुनूँमेंधज्जियाँदेखाकिए
ख़ंजरोंकीथीनुमाइशहरगलीहरमोड़पर
औरहमकमरेमेंतस्वीर-ए-बुताँदेखाकिए
हमतन-आसानीकेख़ूगरढूँडतेमंज़िलकहाँ
दूरहीसेगर्द-ए-राह-ए-कारवाँदेखाकिए
हमकोइसकीक्याख़बरगुलशनकागुलशनजलगया
हमतोअपनासिर्फ़अपनाआशियाँदेखाकिए
मौसम-ए-परवाज़ने'नजमी'पुकाराथामगर
परसमेटेहमक़फ़सकीतीलियाँदेखाकिए
  - Hasan Najmi Sikandarpuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy