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Harsh saxena
is zindagaani ki ghazal ka qaafiya sa lagta hai
is zindagaani ki ghazal ka qaafiya sa lagta hai | इस ज़िंदगानी की ग़ज़ल का क़ाफ़िया सा लगता है
- Harsh saxena
इस
ज़िंदगानी
की
ग़ज़ल
का
क़ाफ़िया
सा
लगता
है
उसके
बिना
तो
जैसे
पूरा
घर
बुझा
सा
लगता
है
यूँँ
तो
कोई
मंदिर
नहीं
दुनिया
में
उसके
नाम
का
लेकिन
न
जाने
क्यूँ
मुझे
वो
देवता
सा
लगता
है
- Harsh saxena
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हो
गए
राम
जो
तुम
ग़ैर
से
ए
जान-ए-जहाँ
जल
रही
है
दिल-ए-पुर-नूर
की
लंका
देखो
Kalb-E-Hussain Nadir
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इतने
दुख
से
भरी
है
ये
दुनिया
आँख
खुलते
ही
आँख
भर
आए
shampa andaliib
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मेरे
होंटों
पे
अपनी
प्यास
रख
दो
और
फिर
सोचो
कि
इस
के
बा'द
भी
दुनिया
में
कुछ
पाना
ज़रूरी
है
Waseem Barelvi
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ये
दुनिया
ग़म
तो
देती
है
शरीक-ए-ग़म
नहीं
होती
किसी
के
दूर
जाने
से
मोहब्बत
कम
नहीं
होती
Unknown
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कल
जहाँ
दीवार
थी
है
आज
इक
दर
देखिए
क्या
समाई
थी
भला
दीवाने
के
सर
देखिए
Javed Akhtar
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हुआ
है
तुझ
से
बिछड़ने
के
बाद
ये
मालूम
कि
तू
नहीं
था
तेरे
साथ
एक
दुनिया
थी
Ahmad Faraz
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दुनिया
के
ताने
सह
लेता
हूँ
इक
अच्छा
बेटा
कहलाना
है
Neeraj Neer
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ये
कब
कहती
हूँ
तुम
मेरे
गले
का
हार
हो
जाओ
वहीं
से
लौट
जाना
तुम
जहाँ
बेज़ार
हो
जाओ
Parveen Shakir
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हम
क्या
करें
अगर
न
तिरी
आरज़ू
करें
दुनिया
में
और
भी
कोई
तेरे
सिवा
है
क्या
Hasrat Mohani
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सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
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मुसलसल
उसकी
सूरत
देखनी
है
हमें
आँखों
की
हिम्मत
देखनी
है
तुम्हें
मतलब
ही
क्या
दिल
से
हमारे
तुम्हें
तो
सिर्फ़
दौलत
देखनी
है
बदन
भी
साथ
लेकर
आइएगा
अगर
मेरी
शराफ़त
देखनी
है
वो
जो
क़िस्मत
हमारी
लिख
रहा
है
उसे
भी
पहले
मेहनत
देखनी
है
हथेली
पर
तू
मेरा
नाम
लिख
ले
मुझे
मेहंदी
की
रंगत
देखनी
है
मुझे
ख़ुद
से
घटाकर
देख
लेना
तुझे
गर
अपनी
क़ीमत
देखनी
है
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Harsh saxena
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मैं
इक
चिंगारी
हूँ
तू
मुझको
इतना
भी
न
छेड़ा
कर
जो
शोला
बन
गया
गर
तो
ज़माना
राख
कर
दूँगा
Harsh saxena
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यूँँ
तो
तेरे
सँवरने
पर
कोई
बंदिश
नहीं
है
जाँ
मगर
उस
चाँद
की
तौहीन
करना
ठीक
थोड़ी
है
Harsh saxena
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न
जाने
कब
से
इक
मतला
लिए
बैठा
हूँ
महफ़िल
में
तुम्हारा
ज़िक्र
कर
दे
कोई
तो
पूरी
ग़ज़ल
कर
लूँ
Harsh saxena
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जितना
कड़वा
उसका
लहज़ा
हो
रहा
है
उतना
मेरा
प्यार
गहरा
हो
रहा
है
Harsh saxena
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