tasavvuraat men chehra teraa banata hooñ | तसव्वुरात में चेहरा तेरा बनाता हूँ

  - Harsh saxena
तसव्वुरातमेंचेहरातेराबनाताहूँ
इसीबहानेतेरेपासबैठजाताहूँ
यूँँतोज़मानाभीवाक़िफ़हैमेरेतेवरसे
परइकनिगाहहैजिससेेमैंख़ौफ़खाताहूँ
तमामउम्रउसीइंतिज़ारमेंगुज़री
वोबोलकरगयाथातुमरुकोमैंआताहूँ
जानेकैसाअजबरोगपालरक्खाहै
ख़ुशीमेंरोताहूँऔरग़ममेंमुस्कुराताहूँ
बसइसलिएभीकोईशख़्समेराहोसका
मैंप्यारकरताहूँतोउम्रभरनिभाताहूँ
फिरएकदिनमेरादुनियासेक्यायक़ीनउठा
मैंतबसेहरकिसीकाफ़ाइदाउठाताहूँ
ग़ज़लकाज़ाइक़ाबढ़नातोलाज़िमीहै‘हर्ष’
हरएकशे'रमेंअपनालहूजलाताहूँ
  - Harsh saxena
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