naya koi mujhe phir KHvaab doge kya | नया कोई मुझे फिर ख़्वाब दोगे क्या

  - Harsh saxena
नयाकोईमुझेफिरख़्वाबदोगेक्या
मिरीनींदेंमुझीसेछीनलोगेक्या
तुम्हेंतोबसकिताबोंमेंमहारतहै
भलातुममेरीख़ामोशीपढ़ोगेक्या
जहाँकोईबंदिशहोज़मानेकी
उन्हींराहोंपेहमकोतुममिलोगेक्या
हमेंकुछरोज़कारिश्तानहींरखना
कहोहरजन्मतुममेरेरहोगेक्या
सुनाहैतुमकोनफ़रतमैकशीसेहै
ज़रासीइश्क़मेंमेरेपियोगेक्या
बड़ीशौक़ीनलगतीहोमुहब्बतकी
विरहकीआगमेंहरपलजलोगेक्या
हमारेसाथमेंजीनानहींमुमकिन
बताओसाथमेंमेरेमरोगेक्या
  - Harsh saxena
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