kuchh din se is darza sehama sehama hooñ | कुछ दिन से इस दर्ज़ा सहमा सहमा हूँ

  - Harsh saxena
कुछदिनसेइसदर्ज़ासहमासहमाहूँ
जैसेउसकोरुख़्सतकरकेलौटाहूँ
बारिशमेंइतनीतोख़ैरसहूलतहै
रोकरअपनाग़महल्काकरसकताहूँ
मुझसेेबिछड़करतुझ
मेंभीकुछबचानहीं
मैंभीबिनतेरेआधासालगताहूँ
मजनूँजैसाहालभलाकैसेकरलूँ
अपनेघरकामैंइकलौताबेटाहूँ
बादतुम्हारेयारसँभलनामुश्किलहै
इसजुमलेसेरिश्ताज़िंदारखताहूँ
उम्रसेमेरीफ़नकारीकोमतआँको
उस्तादोंसेबेहतरग़ज़लेंकहताहूँ
मुझकोइश्क़केपर्चेमेंकुछछूटमिले
ग़ौरसेदेखोमैंचेहरेसेपिछड़ाहूँ
क़ैदकरेंगीमुझकोकैसेज़ंजीरें
जिस्मनहींहूँमैंतोकेवलसायाहूँ
मुझसेेपूछोरस्तेकीदुश्वारी‘हर्ष’
मंज़िलतकमैंक़दमक़दमपरझुलसाहूँ
  - Harsh saxena
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy