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Hameed Sarwar Bahraichi
is qadar toda hai maine dil teraa ai hamsafar
is qadar toda hai maine dil teraa ai hamsafar | इस क़दर तोड़ा है मैंने दिल तेरा ऐ हम सेफ़र
- Hameed Sarwar Bahraichi
इस
क़दर
तोड़ा
है
मैंने
दिल
तेरा
ऐ
हम
सेफ़र
चाह
कर
भी
मैं
तुझे
वापस
बुला
सकता
नहीं
- Hameed Sarwar Bahraichi
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कभी
चाहत
पे
शक
करते
हुए
ये
भी
नहीं
सोचा
तुम्हारे
साथ
क्यूँ
रहते
अगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
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Asrar Ul Haq Majaz
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चाहत
में
मर
जाने
वाली
लड़की
हो
तुम
सचमुच
अफ़साने
वाली
लड़की
हो
आख़िरी
बैंच
पे
बैठने
वाला
लड़का
मैं
जाओ
तुम
अव्वल
आने
वाली
लड़की
हो
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Zubair Ali Tabish
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न
जी
भर
के
देखा
न
कुछ
बात
की
बड़ी
आरज़ू
थी
मुलाक़ात
की
Bashir Badr
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इतना
ऊँचा
उड़ना
भी
कुछ
ठीक
नहीं
पाबंदी
लग
जाती
है
परवाज़ों
पर
तुझको
छू
कर
और
किसी
की
चाह
रखे
हैरत
है
और
लानत
है
ऐसे
हाथों
पर
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Varun Anand
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हम
जानते
तो
इश्क़
न
करते
किसू
के
साथ
ले
जाते
दिल
को
खाक
में
इस
आरज़ू
के
साथ
Meer Taqi Meer
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
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Avtar Singh Jasser
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ज़रा
पाने
की
चाहत
में
बहुत
कुछ
छूट
जाता
है
नदी
का
साथ
देता
हूँ
समुंदर
रूठ
जाता
है
Aalok Shrivastav
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आरज़ू'
जाम
लो
झिजक
कैसी
पी
लो
और
दहशत-ए-गुनाह
गई
Arzoo Lakhnavi
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जब
भी
हमने
छुआ
उस
बदन
को
कभी
हाथ
जल
भुन
गए
पर
हुआ
कुछ
नहीं
Hameed Sarwar Bahraichi
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दिल
की
दुनिया
अजीब
लगने
लगी
अब
तो
ये
बद'नसीब
लगने
लगी
ज़िंदगी
यूँँ
ख़फ़ा
नहीं
थी
कभी
जाने
कैसे
रक़ीब
लगने
लगी
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Hameed Sarwar Bahraichi
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हर
एक
लफ़्ज़
में
जादू
है
तेरी
निस्बत
से
यही
वजह
है
तुझे
चाहते
हैं
शिद्दत
से
Hameed Sarwar Bahraichi
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हम
तो
रोते
रहे,
गिड़गिड़ाते
रहे
क्या
सितम
हम
सेे
वो
दूर
जाते
रहे
मेरी
आँखें
थीं
नम
जैसे
सैलाब
हो
फिर
भी
अपना
लहू
हम
बहाते
रहे
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Hameed Sarwar Bahraichi
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थी
बड़ी
बात
बदलता
जो
हमारा
मेयार
वरना
ये
साल
ही
बदलेगा
ज़माने
भर
में
Hameed Sarwar Bahraichi
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