zaraa socho to mere saath aisa kyun hua hai | ज़रा सोचो तो मेरे साथ ऐसा क्यूँँ हुआ है

  - Hamdam Kashmiri
ज़रासोचोतोमेरेसाथऐसाक्यूँँहुआहै
बदनटूटाहुआथापारापाराक्यूँँहुआहै
ख़ुदअपनीमौजसेबेगानादरियाक्यूँँहुआहै
जोहोनाहीनहींथाआजऐसाक्यूँँहुआहै
सुरोंपरआसमाँडूबाहुआहैबादलोंमें
दुखोंकीझीलकापानीभीगहराक्यूँँहुआहै
ख़ुदायाआजिज़ीसेमैंनेमाँगाक्यामिलाक्या
असरमेरीदु'आओंकायेउल्टाक्यूँँहुआहै
येकैसीरौशनीहैऔरकिनराहोंसेआईहै
यकायकमेरीआँखोंमेंअँधेराक्यूँँहुआहै
वहाँकीआब-जूमेंतेलबहताहैबराबर
यहाँवादीमेंअपनीख़ुश्कदरियाक्यूँँहुआहै
कहाँजाएँगेतुझकोछोड़करमाँबतादे
तिरीआग़ोशमेंदुश्वारजीनाक्यूँँहुआहै
येकिसनेकरदियादोलख़्तमुझकोआज'हमदम'
कहाँहूँमैंमिरासायाअकेलाक्यूँँहुआहै
  - Hamdam Kashmiri
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