aankhoñ ne haal kah diya hont na phir hila sake | आँखों ने हाल कह दिया होंट न फिर हिला सके

  - Hakeem Nasir
आँखोंनेहालकहदियाहोंटफिरहिलासके
दिलमेंहज़ारज़ख़्मथेजोउन्हेंदिखासके
घरमेंजोइकचराग़थातुमनेउसेबुझादिया
कोईकभीचराग़हमघरमेंफिरजलासके
शिकवानहींहैअर्ज़हैमुमकिनअगरहोआपसे
दीजेमुझकोग़मज़रूरदिलजोमिराउठासके
वक़्तक़रीबगयाहालअजीबहोगया
ऐसेमेंतेरानामहमफिरभीलबपेलासके
उसनेभुलाकेआपकोनज़रोंसेभीगिरादिया
'नासिर'-ए-ख़स्ता-हालफिरक्यूँँउसेभुलासके
  - Hakeem Nasir
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