jasta jasta mauj-e-toofaani men tha | जस्ता जस्ता मौज-ए-तूफ़ानी में था

  - Haider Fikri
जस्ताजस्तामौज-ए-तूफ़ानीमेंथा
अक्सउसकाहम-सफ़रपानीमेंथा
क्यायेमस्जूद-ए-मलाइकहैवही
ख़ालिक़-ए-कौनैनहैरानीमेंथा
तेग़परजिसकेथासूरजकालहू
शामकोवोमर्सिया-ख़्वानीमेंथा
रुख़पेज़ुल्फ़ोंकीघटाछाईहुई
चाँदगोयानीमउर्यानीमेंथा
तीरगीथीबसचराग़ोंकेतले
औरगिर्द-ओ-पेशताबानीमेंथा
जानअपनीनज़रकीजिसदोस्तपर
वोभी'हैदर'दुश्मन-ए-जानीमेंथा
  - Haider Fikri
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