tumhaari nazrein yuñ barq dil pe giraa rahi hain | तुम्हारी नज़रें यूँँ बर्क़ दिल पे गिरा रही हैं

  - Haidar raza Koralvi
तुम्हारीनज़रेंयूँँबर्क़दिलपेगिरारहीहैं
किसोईसोईसीधड़कनोंकोजगारहीहैं
दियामोहब्बतकामेरेसीनेमेंजलरहाहै
येचाहतेंदिलसेतीरगीकोमिटारहीहैं
सुनोऐसीनशीलीनज़रोंसेमुझकोदेखो
तुम्हारीनज़रेंयेतीरहमपेचलारहीहैं
हक़ीक़तनअबतोअपनीबाँहोंकोदोइजाज़त
कियेतसव्वुरमेंमुझकोसीनेलगारहीहैं
चलोचलेंमिलकेहममोहब्बतकेगीतगाएँ
सुहानेमौसमकीयेफ़ज़ाएँभीगारहीहैं
क़रीबआओतुम्हारेहोंटोंकोचूमलूँमैं
येदूरियाँअबतोबे-क़रारीबढ़ारहीहैं
लबोंकोजुम्बिशज़रासाकरदोकिआज'हैदर'
तड़परहाहैयेउसकीआँखेंबतारहीहैं
  - Haidar raza Koralvi
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