vasl ki shab thii aur ujaale kar rakhe the | वस्ल की शब थी और उजाले कर रक्खे थे

  - Haidar Qureshi
वस्लकीशबथीऔरउजालेकररक्खेथे
जिस्मजाँसबउसकेहवालेकररक्खेथे
जैसेयेपहलाऔरआख़िरीमेलहुआहो
हालतोदोनोंनेबेहालेकररक्खेथे
खोजरहेथेरूहकोजिस्मोंकेरस्तेसे
तौर-तरीक़ेपागलोंवालेकररक्खेथे
हमसेनादानोंनेइश्क़कीबरकतहीसे
कैसेकैसेकामनिरालेकररक्खेथे
वोभीथाकुछहल्केहल्केसेमेक-अपमें
बालअपनेहमनेभीकालेकररक्खेथे
अपनेआपहीआयाथाफिरमरहमबनकर
जिसनेहमारेदिलमेंछालेकररक्खेथे
'हैदर'अपनीतासीरेंलेआएआख़िर
हिज्रमेंहमनेजितनेनालेकररक्खेथे
  - Haidar Qureshi
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