zinde vahii hain jo ki hain tum par mare hue | ज़िंदे वही हैं जो कि हैं तुम पर मरे हुए

  - Haidar Ali Aatish
ज़िंदेवहीहैंजोकिहैंतुमपरमरेहुए
बाक़ीजोहैंसोक़ब्रमेंमुर्देभरेहुए
मस्त-ए-अलस्तक़ुल्ज़ुम-ए-हस्तीमेंआएहैं
मिस्ल-ए-हबाबअपनापियालाभरेहुए
अल्लाह-रेसफा-ए-तन-ए-नाज़नीन-ए-यार
मोतीहैंकूटकूटकेगोयाभरेहुए
दोदिनसेपाँवजोनहींदबवाएयारने
बैठेहैंहाथहाथकेऊपरधरेहुए
इनअब्रूओंकेहल्क़ामेंवोअँखड़ियाँनहीं
दोताक़परहैंदोगुल-ए-नर्गिसधरेहुए
ब'अद-ए-फ़नाभीआएगीमुझमस्तकोनींद
बे-ख़िश्त-ए-ख़मलहदमेंसिरहानेधरेहुए
निकलेंजोअश्कबे-असरआँखोंसेक्याअजब
पैदाहुएहैंतिफ़्लहज़ारोंमरेहुए
लिक्खेगएबयाज़ोंमेंअशआर-ए-इंतिख़ाब
राइजरहेवहीकिजोसिक्केखरेहुए
उल्टासफ़ोंकोतेग़नेअबरू-ए-यारकी
तीर-ए-मिज़ासेदरहम-ओ-बरहमपरेहुए
'आतिश'ख़ुदानेचाहातोदरिया-ए-इश्क़में
कूदेजोअबकीहमतोवरेसेपरेहुए
  - Haidar Ali Aatish
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