dost dushman ne ki.e qatl ke saamaan kya kya | दोस्त दुश्मन ने किए क़त्ल के सामाँ क्या क्या

  - Haidar Ali Aatish
दोस्तदुश्मननेकिएक़त्लकेसामाँक्याक्या
जान-ए-मुश्ताक़केपैदाहुएख़्वाहाँक्याक्या
आफ़तेंढातीहैवोनर्गिस-ए-फ़त्ताँक्याक्या
दाग़देतीहैमुझेगर्दिश-ए-दौराँक्याक्या
फिरसकीमेरेगलेपरछुरीहैज़ालिम
वर्नागर्दूंसेहुएकार-ए-नुमायाँक्याक्या
हुस्नमेंपहलू-ए-ख़ुर्शीदमगरदाबेगा
दूरखिंचताहैहमारामह-ए-ताबाँक्याक्या
रू-ए-दिलबरकीसफ़ासेथाबड़ाहीदा'वा
सामनेहोकेहुआआइनाहैराँक्याक्या
आँखेंगेसूकेतसव्वुरमेंरहाकरतीहैंबंद
लुत्फ़दिखलाताहैयेख़्वाब-ए-परेशाँक्याक्या
गर्दिश-ए-चश्मदिखाताहैकभीगर्दिश-ए-जाम
मेरीतदबीरमेंफिरताहैयेदौराँक्याक्या
चश्म-ए-बीनाभीअताकीदिल-ए-आगहभीदिया
मेरेअल्लाहनेमुझपरकिएएहसाँक्याक्या
दोस्तनेजबदम-ए-ज़ब्हसिसकताछोड़ा
मेरेदुश्मनहुएहँसहँसकेपशेमाँक्याक्या
गर्दिश-ए-नर्गिस-ए-फ़त्ताँनेतोदीवानाकिया
देखोझंकवाएकुएँचाह-ए-ज़नख़दाँक्याक्या
जलगयाआगमेंआपअपनेमैंमानिंद-ए-चिनार
पीसतेरहगएदाँतअर्रा-ओ-सोहाँक्याक्या
कुछकहेकोईमैंमुँहदेखकेरहजाताहूँ
कमदिमाग़ीनेकियाहैमुझेहैराँक्याक्या
गर्महरगिज़हुआपहलू-ए-ख़ालीबे-यार
यादआवेगीमुझेफ़स्ल-ए-ज़मिस्ताँक्याक्या
कोईमरदूद-ए-ख़लाइक़नहींमुझसा'आतिश'
क्याकहूँकहतेहैंहिंदू-ओ-मुसलमाँक्याक्या
  - Haidar Ali Aatish
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