कूचा-ए-दिलबरमेंमैंबुलबुलचमनमेंमस्तहै
हरकोईयाँअपनेअपनेपैरहनमेंमस्तहै
नश्शा-ए-दौलतसेमुनइमपैरहनमेंमस्तहै
मर्द-ए-मुफ़्लिसहालत-ए-रंज-ओ-मेहनमेंमस्तहै
दौर-ए-गर्दूंहैख़ुदावंदाकियेदौर-ए-शराब
देखताहूँजिसकोमैंउसअंजुमनमेंमस्तहै
आजतकदेखानहींइनआँखोंनेरू-ए-ख़ुमार
कौनमुझसागुम्बद-ए-चर्ख़-ए-कुहनमेंमस्तहै
गर्दिश-ए-चश्म-ए-ग़ज़ालाँगर्दिश-ए-साग़रहैयाँ
ख़ुशरहेंअहल-ए-वतनदीवाना-पनमेंमस्तहै
हैजोहैरान-ए-सफाए-रुख़हलबमेंआईना
बू-ए-ज़ुल्फ़-ए-यारसेआहूख़ुतनमेंमस्तहै
ग़ाफ़िलओहोश्यारहैंउसचश्म-ए-मय-गूँकेख़राब
ज़िंदाज़ेर-ए-पैरहनमुर्दाकफ़नमेंमस्तहै
एकसाग़रदोजहाँकेग़मकोकरनाहैग़लत
ऐख़ुशा-तालेजोशैख़-ओ-बरहमनमेंमस्तहै
वहशत-ए-मजनूँ-ओ-'आतिश'मेंहैबसइतनाहीफ़र्क़
कोईबनमेंमस्तहैकोईवतनमेंमस्तहै