ai dil khushi ka zikr bhi karne na de mujhe | ऐ दिल ख़ुशी का ज़िक्र भी करने न दे मुझे

  - Hafeez Merathi
दिलख़ुशीकाज़िक्रभीकरनेदेमुझे
ग़मकीबुलंदियोंसेउतरनेदेमुझे
घरहीउजड़गयाहोतोलुत्फ़-ए-क़यामक्या
गर्दिश-ए-मुदामठहरनेदेमुझे
मक़्सदयेहैसुकूँकिसीसूरतहोनसीब
चारासाज़बातभीकरनेदेमुझे
चेहरेपेखालतकभीछोड़ेंगेबद-निगाह
मेरेख़ैर-ख़्वाहसँवरनेदेमुझे
हैदेखनेकीचीज़जोबिस्मिलकारक़्सभी
दुनियायेचाहतीहैकिमरनेदेमुझे
येदौरसंग-दिलहीनहींतंग-दिलभीहै
गरबसचलेतोआहभीकरनेदेमुझे
अबभीयेहौसलाहैकिकुछकामसुकूँ
मैंटूटतोगयाहूँबिखरनेदेमुझे
  - Hafeez Merathi
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