jaagne waalo ta-b-sehr KHaamosh raho | जागने वालो ता-ब-सहर ख़ामोश रहो

  - Habib Jalib
जागनेवालोता-ब-सहरख़ामोशरहो
कलक्याहोगाकिसकोख़बरख़ामोशरहो
किसनेसहरकेपाँवमेंज़ंजीरेंडालीं
होजाएगीरातबसरख़ामोशरहो
शायदचुपरहनेमेंइज़्ज़तरहजाए
चुपहीभलीअहल-ए-नज़रख़ामोशरहो
क़दमक़दमपरपहरेहैंइनराहोंमें
दार-ओ-रसनकाहैयेनगरख़ामोशरहो
यूँँभीकहाँबे-ताबी-ए-दिलकमहोतीहै
यूँँभीकहाँआराममगरख़ामोशरहो
शे'रकीबातेंख़त्महुईंइसआलममें
कैसा'जोश'औरकिसका'जिगर'ख़ामोशरहो
  - Habib Jalib
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