vo utthe hain tevar badalte hue | वो उट्ठे हैं तेवर बदलते हुए

  - Habeeb Moosavi
वोउट्ठेहैंतेवरबदलतेहुए
चलोदेखेंतलवारचलतेहुए
देखातिरेदौरमेंफ़लक
निहाल-ए-तमन्नाकोफलतेहुए
हैंअंगुश्त-हैरत-ब-दंदाँमसीह
वोमुर्देजिलातेहैंचलतेहुए
चलोमय-कदामहफ़िल-ए-वाज़से
येअम्मा
मेंदेखोउछलतेहुए
ज़बाँपरतिरानामजबगया
तोगिरतेकोदेखासँभलतेहुए
मोहब्बतमेंपाएहरइकराहसे
हज़ारोंहीरस्तेनिकलतेहुए
हैंक्याउनकीज़ुल्फ़ेंयेदिलपूछ
छलावेकोदेखाहैछलतेहुए
बनेजुज़्व-ए-तनजबचुभेख़ार-ए-ग़म
येकाँटेदेखेनिकलतेहुए
कियाकुछजबतकरहाइख़्तियार
जहाँसेचलेहाथमलतेहुए
ग़म-ए-इश्क़पैदाहुआमेरेसाथ
उसेगुज़रीइकउम्रपलतेहुए
रुकेकिसतरहतेग़-ए-अबरूकावार
सुनाहैअजलकोभीटलतेहुए
इनआँखोंकेफ़ित्नोंकाक्यापूछना
येजादूहैंलाखोंमेंचलतेहुए
नहींशम्अ'-ए-आरिज़पेख़तजम'अहैं
हज़ारोंहीपरवानेजलतेहुए
फ़सानेहैंमशहूरउश्शाक़के
कटीउम्रफ़ुर्क़तमेंजलतेहुए
जवाँमरतेदेखेबहुतना-मुराद
सुनाहोगाअरमाँनिकलतेहुए
नहींखेलचलनारह-ए-इश्क़में
ज़रापाँवरखनासँभलतेहुए
जोमशहूरसाबितक़दमथे'हबीब'
उन्हेंहमनेदेखाफिसलतेहुए
  - Habeeb Moosavi
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