फ़रियादभीमैंकरनसकाबे-ख़बरीसे
दिलखींचलियाउसनेकमंद-ए-नज़रीसे
उसबुतकोकियारामनसोज़-ए-जिगरीसे
नालेमिरेबदनामहुएबे-असरीसे
कबदिलपेअसरकरताहैज़ालिमकातमल्लुक़
मिलतेहैंकहींज़ख़्म-ए-जिगरबख़िया-गरीसे
हैसाया-फ़गनताज़ानिहाल-ए-चमन-ए-हुस्न
निस्बतमिरेदिलकोहैअक़ीक़-ए-शजरीसे
उड़जातेतेरेहोशमिरेनग़्मोंसेबुलबुल
करशुक्रकिमजबूरहूँबे-बाल-ओ-परीसे
हरलुत्फ़सेख़ालीहैफ़रोग़-ए-दम-ए-पीरी
रौशनहुआयेनूरचराग़-ए-सहरीसे
दामनकीकलीबाद-ए-सबाखोलसकेकब
सातिरनहींडरतेहैंकभीपर्दा-दरीसे
उल्फ़तकाशजरसर्व-क़दोंकीहैहरीशाख़
उश्शाक़कोबावरहुआयेबे-समरीसे
कहतेहैंवोसुनकरख़बर-ए-रेहलत-ए-उश्शाक़
जल्दीगयाकहनाथाहमेंकुछसफ़रीसे
होंलाखख़तरकूचा-ए-दिलबरनछुटेगा
उठसकतीहैज़िल्लतभीकहींमर्द-ए-जरीसे
नफ़रतनहींलाज़िमतुझेज़ालिमएवज़-ए-रहम
बैठाहूँमैंदिलखोकेतिरीहीला-गरीसे
आमिलकरेंइकबारअगरबंदतोमय-कश
ख़ालीकरेंसौमर्तबाशीशेकोपरीसे
करदेतेहैंयूँँहर्ज़ा-दराकोकमला-बंद
लबज़ख़्मकेजिसतरहमिलेंबख़िया-गरीसे
अग़्यारहुएकबमिरीनाकामीकाबाइस
महरूमियाँपैदाहुईंआशुफ़्ता-सरीसे
करग़ैरकोअपनाकिमुरादोंकानिशाँदे
बेकारवोपैकाँहैजुदाहोजोसरीसे
आमाल-ए-'हबीब'-ए-जिगर-अफ़गारकीकश्ती
साहिलपेपहुँचजाएगीअश्कोंकीतरीसे