हमअहल-ए-आरज़ूपेअजबवक़्तआपड़ा
हरहरक़दमपेखेलनयाखेलनापड़ा
अपनाहीशहरहमकोबड़ाअजनबीलगा
अपनेहीघरकाहमकोपतापूछनापड़ा
इंसानकीबुलंदीओपस्तीकोदेखकर
इंसाँकहाँखड़ाहैहमेंसोचनापड़ा
मानाकिहैफ़रारमगरदिलकोक्याकरें
माज़ीकीयादहीमेंहमेंडूबनापड़ा
मजबूरियाँहयातकीजबहदसेबढ़गईं
हरआरज़ूकोपाँव-तलेरोंदनापड़ा
आगेनिकलगएथेज़राअपने-आपसे
हमको'हबीब'ख़ुदकीतरफ़लौटनापड़ा