येग़मनहींहैकिअबआह-ए-ना-रसाभीनहीं
येक्याहुआकिमिरेलबपेइल्तिजाभीनहीं
सितमहैअबभीउमीद-ए-वफ़ापेजीताहै
वोकम-नसीबकिशाइस्ता-ए-जफ़ाभीनहीं
निगाह-ए-नाज़-ए-इबारतहैज़िंदगीजिससे
शरीक-ए-दर्दतोक्यादर्द-आश्नाभीनहीं
समझरहाहूँअमानतमता-ए-सब्रकोमैं
अगरचेअबनिगह-ए-सब्र-आज़माभीनहीं
वोकारवान-ए-निशात-ओ-तरबकहाँहमदम
जोढूँढिएतोकहींकोईनक़्श-ए-पाभीनहीं
हैदिलकेवास्तेशम-ए-उमीद-ओ-मशअ'ल-ओ-राह
वोइकनिगाहजिसेदिलसेवास्ताभीनहीं
कोईतबस्सुम-ए-जाँ-बख़्शकोतरसताहै
शहीद-ए-इश्वा-ए-रंगींकाख़ूँ-बहाभीनहीं
येक्यूँँहैशो'ला-ए-बेताबकीतरहमुज़्तर
मिरीनज़रकिअभीलुत्फ़-आश्नाभीनहीं
ब-शक्ल-ए-क़िस्सा-ए-दार-ओ-रसननहोमशहूर
वोइकफ़साना-ए-ग़मतुमनेजोसुनाभीनहीं
तमामहर्फ़-ओ-हिकायतमिटागईदिलसे
निगाह-ए-नाज़नेकहनेकोकुछकहाभीनहीं
वोकुश्ता-ए-करम-ए-यारक्याकरेकिजिसे
ब-ईंतबाही-ए-दिलशिकवा-ए-जफ़ाभीनहीं