ख़िज़ाँ-नसीबकीहसरतब-रू-ए-कारनहो
बहारशो'बदा-ए-चश्म-ए-इन्तिज़ारनहो
फ़रेब-ख़ूर्दा-ए-उल्फ़तसेपूछिएक्याहै
वोएकअहद-ए-मोहब्बतकिउस्तुवारनहो
नज़रकोताब-ए-नज़ारानदिलकोजुरअत-ए-दीद
जमाल-ए-यारसेयूँँकोईशर्मसारनहो
क़बा-दरीदा-ओ-दामान-ओ-आस्तींख़ूनीं
गुलोंकेभेसमेंयेकोईदिल-फ़िगारनहो
नहोसकेगावोरम्ज़-आश्ना-ए-कैफ़-ए-हयात
जोक़ल्बचश्म-ए-तग़ाफ़ुलकाराज़दारनहो
तरीक़-ए-इश्क़पेहँसतीतोहैख़िरदलेकिन
येगुमरहीकहींमंज़िलसेहम-कनारनहो
नता'ना-ज़नहोकोईअहल-ए-होशमस्तोंपर
किज़ोम-ए-होशभीइकआलम-ए-ख़ुमारनहो
वोक्याबताएकिक्याशयउमीदहोतीहै
जिसेनसीबकभीशाम-ए-इंतिज़ारनहो
येचश्म-ए-लुत्फ़मुबारकमगरदिल-ए-नादाँ
पयाम-ए-इश्वा-ए-रंगींसला-ए-दारनहो
किसीकेलबपेजोआएनवेद-ए-ज़ीस्तबने
वहीहदीस-ए-वफ़ाजिसपेए'तिबारनहो
जोदो-जहानभीमाँगेतोमैंनेक्यामाँगा
वोक्यातलबजोब-क़द्र-ए-अता-ए-यारनहो