dast-e-gham men saaya-e-gesoo na Dhoondh | दश्त-ए-ग़म में साया-ए-गेसू न ढूँढ़

  - Habab Tirmizi
दश्त-ए-ग़ममेंसाया-ए-गेसूढूँढ़
पत्थरोंमेंदर्दकीख़ुश्बूढूँढ़
ज़िंदगीमेंअबवोरंग-ओ-बूढूँढ़
गुल-अदागुल-पैरहनगुल-रूढूँढ़
अपनेहोंटोंपरतबस्सुमकरतलाश
वक़्तकेरुख़्सारपरआँसूढूँढ़
मस्तियोंमेंरक़्स-ए-ताऊसअबकहाँ
शोख़ियोंमेंवोरम-ए-आहूढूँढ़
मौजज़नहैदिलमेंजोतूफ़ाँवोदेख
ख़ुश्कआँखोंमेंमिरीआँसूढूँढ़
होसकेतोइसरिवायतकोतोड़
मैंतुझेढूँडूँगामुझकोतूढूँढ़
दुश्मनोंमेंभीमहासिनकरतलाश
हम-नफ़सतन्क़ीसकेपहलूढूँढ़
  - Habab Tirmizi
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