vo kisi baat ka charcha nahin hone deta | वो किसी बात का चर्चा नहीं होने देता

  - Gyan Prakash Vivek
वोकिसीबातकाचर्चानहींहोनेदेता
अपनेज़ख़्मोंकावोजलसानहींहोनेदेता
ऐसेकालीनकोमैंकिसलिएरक्खूँघरमें
वोजोआवाज़कोपैदानहींहोनेदेता
यहबड़ाशहरगलेसबकोलगालेताहै
परकिसीशख़्सकोअपनानहींहोनेदेता
उसकीफ़ितरतमेंयहीबातबुरीहैयारो
बहतेपानीकोवोदरियानहींहोनेदेता
यहजोअनबनकाहैरिश्तामेरेभाईसाहब!
घरकेमाहौलकोअच्छानहींहोनेदेता।
  - Gyan Prakash Vivek
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