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gulab muntazir
apni saari ana bech kar chal raha
apni saari ana bech kar chal raha | अपनी सारी अना बेच कर चल रहा
- gulab muntazir
अपनी
सारी
अना
बेच
कर
चल
रहा
वो
जिधर
चल
रही
मैं
उधर
चल
रहा
- gulab muntazir
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नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
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वो
राही
हूँ
पलभर
के
लिए,
जो
ज़ुल्फ़
के
साए
में
ठहरा,
अब
ले
के
चल
दूर
कहीं,
ऐ
इश्क़
मेरे
बेदाग
मुझे
।
Raja Mehdi Ali Khan
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मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
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Nawaz Deobandi
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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वो
आँखें
चुप
थीं
लेकिन
हँस
रही
थीं
मेरा
जी
कर
रहा
था
चूम
लूँ
अब
Ritesh Rajwada
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जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
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Ritesh Rajwada
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उन्हीं
रास्तों
ने
जिन
पर
कभी
तुम
थे
साथ
मेरे
मुझे
रोक
रोक
पूछा
तिरा
हम-सफ़र
कहाँ
है
Bashir Badr
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बंद
कमरे
में
हज़ारों
मील
अब
चलते
हैं
हम
काफ़ी
महँगी
पड़
रही
है
शा'इरी
से
दोस्ती
Ashraf Jahangeer
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उस
फूल
सी
लड़की
पे
तरस
आता
है
लेकिन
हम
क्या
करें
ये
दिल
हमारी
भी
नहीं
सुनता
gulab muntazir
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इक
शख़्स
मेरी
ज़िंदगी
से
क्या
चला
गया
यूँँ
लग
रहा
है
जैसे
ख़ुदा
था,
चला
गया
आँखों
पे
कोई
रोशनी
पड़ती
चली
गई
रस्ते
से
अपने
फिर
मैं
भटकता
चला
गया
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gulab muntazir
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मेरा
तोहफ़ा
उधार
रहने
दो
तुम्हें
तोहफ़े
में
ज़िन्दगी
देंगे
gulab muntazir
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किसी
दिन
ख़ुद-कुशी
कर
लेगा
ख़ुद
वो
जो
इक
लड़की
का
दीवाना
है
यारों
कहो
उस
सेे
कि
अब
वो
फोन
कर
ले
कि
उसका
हर
कहा
माना
है
यारो
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gulab muntazir
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जिसे
पाया
नहीं
मैंने
अभी
तक
उसे
खोने
का
डर
ही
खा
रहा
है
gulab muntazir
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