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gulab muntazir
meraa tohfa udhaar rahne do
meraa tohfa udhaar rahne do | मेरा तोहफ़ा उधार रहने दो
- gulab muntazir
मेरा
तोहफ़ा
उधार
रहने
दो
तुम्हें
तोहफ़े
में
ज़िन्दगी
देंगे
- gulab muntazir
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आज
भी
शायद
कोई
फूलों
का
तोहफ़ा
भेज
दे
तितलियाँ
मंडला
रही
हैं
काँच
के
गुल-दान
पर
Shakeb Jalali
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उस
मेहरबाँ
नज़र
की
इनायत
का
शुक्रिया
तोहफ़ा
दिया
है
ईद
पे
हम
को
जुदाई
का
Unknown
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सावन-रुत
और
उड़ती
पुर्वा
तेरे
नाम
धूप-नगर
से
है
ये
तोहफ़ा
तेरे
नाम
Tajdar Adil
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तोहफ़ा,
फूल,
शिकायत,
कुछ
तो
लेकर
जा
इश्क़
से
मिलने
ख़ाली
हाथ
नहीं
जाते
Tanoj Dadhich
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लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
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Kashif Sayyed
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कोई
ख़त-वत
नहीं
फाड़ा
कोई
तोहफ़ा
नहीं
तोड़ा
कि
वो
देखे
तो
ख़ुद
सोचे
कि
दिल
तोड़ा,
नहीं
तोड़ा?
Charagh Sharma
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हमने
सँभाल
रक्खे
हैं
अपनी
तिज़ोरी
में
उसके
दिए
वो
तोहफ़े
नहीं
हैं
ख़ज़ाने
हैं
Harsh saxena
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हम
तोहफ़े
में
घड़ियाँ
तो
दे
देते
हैं
एक
दूजे
को
वक़्त
नहीं
दे
पाते
हैं
आँखें
ब्लैक
एंड
व्हाइट
हैं
तो
फिर
इन
में
रंग
बिरंगे
ख़्वाब
कहाँ
से
आते
हैं?
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Fareeha Naqvi
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क्यूँ
परेशाँ
हो
अब
सवालों
पे
धूल
तो
आ
गई
है
बालों
पे
हैं
रकीबों
के
तोहफ़े
साहब
दाँतों
के
सब
निशान
गालों
पे
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A R Sahil "Aleeg"
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दाग़
दुनिया
ने
दिए
ज़ख़्म
ज़माने
से
मिले
हम
को
तोहफ़े
ये
तुम्हें
दोस्त
बनाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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मैं
उस
सेे
कह
रहा
था
यार
सुन
ले
तू
पहला
आख़िरी
है
प्यार
सुन
ले
gulab muntazir
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उस
फूल
सी
लड़की
पे
तरस
आता
है
लेकिन
हम
क्या
करें
ये
दिल
हमारी
भी
नहीं
सुनता
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उसको
भूलने
का
ये
ही
तरीक़ा
है
बस
मेरे
सीने
से
दिल
को
निकाला
जाए
gulab muntazir
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इसी
का
नाम
ही
गर
ज़िंदगी
है
इसे
फिर
अलविदा
कहना
है
मुझको
gulab muntazir
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ग़म
से
नहीं
उबर
पाएँगे
तुझ
को
चाहने
वाले
लोग
तन्हाई
में
मर
जाएँगे
तुझ
को
चाहने
वाले
लोग
जिनको
तेरी
चाहत
है
गर
उनको
ही
तू
नहीं
मिला
तू
ही
बता
किधर
जाएँगे
तुझ
को
चाहने
वाले
लोग
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gulab muntazir
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