jab chale jaayenge laut ke saawan ki tarah | जब चले जाएँगे हम लौट के सावन की तरह

  - Gopaldas Neeraj
जबचलेजाएँगेहमलौटकेसावनकीतरह
यादआएँगेप्रथमप्यारकेचुम्बनकीतरह
ज़िक्रजिसदमभीछिड़ाउनकीगलीमेंमेरा
जानेशरमाएवोक्यूँँगाँवकीदुल्हनकीतरह
मेरेघरकोईख़ुशीआतीतोकैसेआती
उम्र-भरसाथरहादर्दमहाजनकीतरह
कोईकंघीमिलीजिससेसुलझपातीवो
ज़िंदगीउलझीरहीब्रम्हाकेदर्शनकीतरह
दाग़मुझमेंहैकितुझ
मेंयेपतातबहोगा
मौतजबआएगीकपड़ेलिएधोबनकीतरह
हरकिसीशख़्सकीक़िस्मतकायहीहैक़िस्सा
आएराजाकीतरहजाएवोनिर्धनकीतरह
जिसमेंइंसानकेदिलकीहोधड़कन'नीरज'
शाइ'रीतोहैवोअख़बारकेकतरनकीतरह
  - Gopaldas Neeraj
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