koii sir le ke baitha hai zamaane bhar ka gham | कोई सिर ले के बैठा है ज़माने भर का ग़म

  - Gaurav Kumar Aarambh
कोईसिरलेकेबैठाहैज़मानेभरकाग़म
किसीकेबच्चेभूखेहैंकमानेभरकाग़म
कोईजूझेबनानेकोमहलसुखमयसभी
किसीकोफूसकाछप्परबनानेभरकाग़म
मजूरीखागईआँखोंकीबीनाईमिरी
पड़ेछालेरहाबच्चेपढ़ानेभरकाग़म
सभीजीवनमेंआभाडालदीहैख़ुशियोंकी
उन्हेंमेरेलिएइकलौजलानेभरकाग़म
  - Gaurav Kumar Aarambh
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