yaad ashkon men baha dii ham ne | याद अश्कों में बहा दी हम ने

  - Ghulam Mohammad Qasir
यादअश्कोंमेंबहादीहमने
किहरबातभुलादीहमने
गुलशन-ए-दिलसेगुज़रनेकेलिए
ग़मकोरफ़्तार-ए-सबादीहमने
अबउसीआगमेंजलतेहैंजिसे
अपनेदामनसेहवादीहमने
दिनअँधेरोंकीतलबमेंगुज़रा
रातकोशम्अजलादीहमने
रह-गुज़रबजतीहैपाएलकीतरह
किसकीआहटकोसदादीहमने
क़स्र-ए-मआनीकेमकींथेफिरभी
तयकीलफ़्ज़कीवादीहमने
ग़मकीतशरीहबहुतमुश्किलथी
अपनीतस्वीरदिखादीहमने
  - Ghulam Mohammad Qasir
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy