mujhe kis tarah se na ho yaqeen ki use khizaan se gurez hai | मुझे किस तरह से न हो यक़ीं कि उसे ख़िज़ाँ से गुरेज़ है

  - Ghubaar Bhatti
मुझेकिसतरहसेहोयक़ींकिउसेख़िज़ाँसेगुरेज़है
जोनसीम-ए-सुब्ह-ए-बहारकोमिरेगुल्सिताँसेगुरेज़है
येउबूदियतकाहैइक़तिज़ाकिउसीपेख़महोमिरीजबीं
येग़लतकिसीनेहैकहदियातिरेआस्ताँसेगुरेज़है
हैअजीबक़िस्मकीबद-ज़नीमुझेउसकीकोईख़बरनहीं
गुल-ओ-ख़ारकोभीबहारमेंमिरेगुल्सिताँसेगुरेज़है
कुछअजबनहींजोक़दमक़दममिरेराहबरहीहोंराहज़न
नहींमुत्तफ़िक़कोईफ़र्दजबमुझेकारवाँसेगुरेज़है
मिरेदाग़-ए-दिलकीहीताबिशेंहैंजमाल-बख़्शदिल-ओ-नज़र
यहीबातहैकितमामशबमुझेकहकशाँसेगुरेज़है
येशकेबसेनहींआश्नाइसेकुछवफ़ासेग़रज़नहीं
यहीराज़हैयहीवज्हहैजोदिल-ए-तपाँसेगुरेज़है
हैतलाश-ए-वुसअ'त-ए-ला-मकाँकिजहाँपेकुछहोसुकून-ए-दिल
होजहाँभीबंदिश-ए-आब-ओ-गिलमुझेउसमकाँसेगुरेज़है
येतज़ाद-ए-इश्क़'ग़ुबार'हैकोईकिसतरहसेसमझसके
कभीपा-ए-बाज़पेसरहैख़मकभीआस्ताँसेगुरेज़है
  - Ghubaar Bhatti
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