na ab main pyaar kar saka hooñ aur na daant saka hooñ | न अब मैं प्यार कर सकता हूँ और न डाँट सकता हूँ

  - Ghaus Khah makhah Hyderabadi
अबमैंप्यारकरसकताहूँऔरडाँटसकताहूँ
जोबाक़ीरहगएहैंदिनउन्हेंबसकाटसकताहूँ
जोमिलजाएउसीपरइक्तिफ़ाकरनाहीपड़ताहै
कोईशयअपनीमर्ज़ीसेअबमेंछाँटसकताहूँ
हुआहूँजबसेपेंशन-याफ़तायेहालहैयारो
कोईक़र्ज़देताहैपेंशनबाँटसकताहूँ
यहीक्याकमहैख़ुद-मुख़्तारहूँमैंजबभीजीचाहे
तमन्नाओंकेपरउड़नेसेपहलेकाटसकताहूँ
मैंअपनेवक़्तकेहाथोंमेंहूँजैसेछटीउँगली
इस्ति'मालकरसकताहूँऔरकाटसकताहूँ
ग़मोंकीख़ैरटेढ़ीहीनहींगाढ़ीभीहोतीहै
पीजातीहैयेऔरउसेमैंचाटसकताहूँ
उड़ाकरदेखलेकोईपतंगेंअपनीशेख़ीकी
बुलंदीपरअगरहूँभीतोकन्नेकाटसकताहूँ
यहीतौफ़ीक़क्याकमहैकिरौनक़कोहँसाकरमैं
दुखोंकाबोझकमकरनेग़मोंकोबाँटसकताहूँ
ख़लीज-ए-बुग़्ज़-ओ-नफ़रतगरदिलोंमेंहोगईपैदा
उसेमैं'ख़्वाह-मख़ाह'हँसते-हँसातेपाटसकताहूँ
  - Ghaus Khah makhah Hyderabadi
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