नअबमैंप्यारकरसकताहूँऔरनडाँटसकताहूँ
जोबाक़ीरहगएहैंदिनउन्हेंबसकाटसकताहूँ
जोमिलजाएउसीपरइक्तिफ़ाकरनाहीपड़ताहै
कोईशयअपनीमर्ज़ीसेनअबमेंछाँटसकताहूँ
हुआहूँजबसेपेंशन-याफ़तायेहालहैयारो
नकोईक़र्ज़देताहैनपेंशनबाँटसकताहूँ
यहीक्याकमहैख़ुद-मुख़्तारहूँमैंजबभीजीचाहे
तमन्नाओंकेपरउड़नेसेपहलेकाटसकताहूँ
मैंअपनेवक़्तकेहाथोंमेंहूँजैसेछटीउँगली
नइस्ति'मालकरसकताहूँऔरनकाटसकताहूँ
ग़मोंकीख़ैरटेढ़ीहीनहींगाढ़ीभीहोतीहै
नपीजातीहैयेऔरनउसेमैंचाटसकताहूँ
उड़ाकरदेखलेकोईपतंगेंअपनीशेख़ीकी
बुलंदीपरअगरहूँभीतोकन्नेकाटसकताहूँ
यहीतौफ़ीक़क्याकमहैकिरौनक़कोहँसाकरमैं
दुखोंकाबोझकमकरनेग़मोंकोबाँटसकताहूँ
ख़लीज-ए-बुग़्ज़-ओ-नफ़रतगरदिलोंमेंहोगईपैदा
उसेमैं'ख़्वाह-मख़ाह'हँसते-हँसातेपाटसकताहूँ