शामतकबंदरहताहैकमरामिरा
औरकमरेमेंतन्हाखिलौनामिरा
दिनकोउजलीरिदाओढ़लेताहूँमैं
देखनारातकोफिरतमाशामिरा
सचकहाथासभीमुझसेनाराज़हैं
अबकिसीसेनहींरिश्ता-नातामिरा
अपनेशे'रोंपेमुझकोबड़ाफ़ख़्रहै
जानेक्यागुलखिलाएगाचर्चामिरा
दोबरसकाहूँतिफ़्ल-ए-किताबी'ग़नी'
होगयाकितनाभारीहैबस्तामिरा