barsate roz patthar dekhta hooñ | बरसते रोज़ पत्थर देखता हूँ

  - Ghani Ghayoor
बरसतेरोज़पत्थरदेखताहूँ
यहीरोनामैंघरघरदेखताहूँ
निकलकरख़ुदसेबाहरदेखताहूँ
समुंदरअपनेअंदरदेखताहूँ
उपजदुगनाहैतुझसेअबकेमेरा
मैंतेरेसाथमिलकरदेखताहूँ
नज़रआताहैमंज़रऔरकोई
जगहअपनीसेउठकरदेखताहूँ
हिसाबअपनायहाँसबदेरहेहैं
बपाहरसम्तमहशरदेखताहूँ
जिसेतुमलोगबेहतरकहरहेहो
वहीअबतरसेअबतरदेखताहूँ
अलगअंदाज़मेराज़ावियाभी
तिरीदुनियासेहटकरदेखताहूँ
ग़नीहैअस्लअशियाऔरहीकुछ
तुम्हारेख़ैरकोशरदेखताहूँ
  - Ghani Ghayoor
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